गुजरात में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर उम्मीदवारों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। कई अभ्यर्थियों ने CBRT (Computer Based Recruitment Test) प्रणाली के खिलाफ आवाज उठाते हुए “No CBRT in Gujarat” की मांग शुरू कर दी है। उनका कहना है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली में कई तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं सामने आ रही हैं।
उम्मीदवारों की मुख्य शिकायतें
अभ्यर्थियों का आरोप है कि CBRT परीक्षा में कई तरह की दिक्कतें होती हैं, जिनसे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
- अलग-अलग शिफ्ट में पेपर का स्तर अलग होने का आरोप
- तकनीकी गड़बड़ियों के कारण परीक्षा में बाधा
- नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को लेकर असंतोष
- कुछ प्रश्नों में भाषा अनुवाद की त्रुटियां
उम्मीदवारों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण कई योग्य उम्मीदवारों को नुकसान उठाना पड़ता है।
ऑफलाइन परीक्षा की मांग
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार से मांग की है कि भर्ती परीक्षाओं को पुराने तरीके से ऑफलाइन (पेन-पेपर) मोड में कराया जाए। उनका कहना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समान होगी।
सरकार से समाधान की उम्मीद
अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और भर्ती बोर्ड से इस मुद्दे पर जल्द समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी विरोध जारी रख सकते हैं।

