पत्रकार रामचंद्र छत्रपति कौन थे? जिस मर्डर केस में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को हाई कोर्ट से मिली राहत
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने चर्चित पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बरी कर दिया है। यह मामला पिछले दो दशकों से देशभर में चर्चा का विषय रहा है।
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि आखिर रामचंद्र छत्रपति कौन थे और यह मामला इतना चर्चित क्यों हुआ।
कौन थे पत्रकार रामचंद्र छत्रपति
रामचंद्र छत्रपति हरियाणा के सिरसा के रहने वाले पत्रकार थे। वह स्थानीय हिंदी अखबार “पूरा सच” के संपादक और प्रकाशक थे। अपने अखबार में उन्होंने कई संवेदनशील और विवादित मुद्दों पर रिपोर्टिंग की थी।
बताया जाता है कि उन्होंने अपने अखबार में एक गुमनाम पत्र प्रकाशित किया था, जिसमें डेरा सच्चा सौदा के भीतर साध्वियों के साथ कथित यौन शोषण के आरोप लगाए गए थे।
2002 में हुई थी हत्या
24 अक्टूबर 2002 की रात सिरसा में उनके घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ हफ्तों बाद उनकी मौत हो गई।
इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी और बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
2019 में हुई थी उम्रकैद
लंबी जांच और सुनवाई के बाद 2019 में पंचकूला की विशेष CBI अदालत ने गुरमीत राम रहीम सहित अन्य आरोपियों को इस हत्या मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
अब हाई कोर्ट से मिली राहत
अब पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए गुरमीत राम रहीम को इस केस में बरी कर दिया है। हालांकि राम रहीम फिलहाल जेल में ही रहेंगे, क्योंकि वह पहले से ही दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहे हैं।
यह मामला देश के सबसे चर्चित पत्रकार हत्या मामलों में से एक माना जाता है, जिसने पत्रकारिता की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर लंबे समय तक बहस छेड़ी।

