लखनऊ में ‘गौ प्रतिष्ठा धर्म‑युद्ध’ का शंखनाद — अविमुक्तेश्वरानंद की यatra और प्रशासन की तैयारियाँ

Gau Pratishtha Dharma Yudh event with Swami Avimukteshwaranand in Lucknow लखनऊ में Gau Pratishtha Dharma Yudh कार्यक्रम के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और भारी पुलिस बल की तैयारियाँ

लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में Gau Pratishtha Dharma Yudh नामक कार्यक्रम आज यानी 11 मार्च 2026 को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘धर्म युद्ध’ का शंखनाद करेंगे। यह कार्यक्रम कांशीराम स्मृति स्थल पर रखा गया है और इसका उद्देश्य गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने जैसे धार्मिक और सामाजिक प्रतीकात्मक संदेश को मजबूत करना बताया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा इस आयोजन के लिए अनुमति दी गई है, लेकिन इसे शांति‑व्यवस्था बनाए रखने वाली कड़ी शर्तों के साथ रखा गया है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कई जिलों से होते हुए लखनऊ तक मार्च निकाला है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जो लोग लखनऊ नहीं आ सकते, वे घर पर ही शंखनाद कर सकते हैं और गौ रक्षा का संकल्प लें। प्रशासन ने कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ भाषण और शोभा यात्राओं पर प्रतिबंध सहित 26 शर्तें लागू की हैं ताकि कानून‑व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

प्रशासन की शर्तें और सुरक्षा

उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने कार्यक्रम को अनुमति देने के साथ यह भी सुनिश्चित किया है कि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से होना चाहिए। शर्तों में शामिल हैं:

  • किसी भी वक्ता द्वारा धर्म, जाति या भाषा के खिलाफ भड़काऊ भाषण नहीं देना।
  • शोभा यात्रा और जुलूस की अनुमति नहीं।
  • लाउडस्पीकर का उपयोग सीमित करना।
  • नाबालिगों को विवादित नारे लगाने से रोकना।
  • पुलिस बल की व्यवस्था और भुगतान आयोजकों पर।

आयोजन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर कहीं भी शर्तों का उल्लंघन होता है तो अनुमति रद्द कर दी जाएगी।

अविमुक्तेश्वरानंद की अपील

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने अनुयायियों से कहा है कि इस कदम का लक्ष्य सिर्फ गाय की रक्षा ही नहीं है, बल्कि उसे ‘राष्ट्र माता’ का सम्मान दिलाना है। उन्होंने कहा कि जब तक वे अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंचते, यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनका यह आंदोलन किसी राजनीतिक पार्टी विशेष का नहीं है, और उन्होंने “सच्चे हिंदुओं” को इसमें शामिल होने का आह्वान किया है।

विवाद और प्रतिक्रियाएँ

इस यात्रा और कार्यक्रम को लेकर मिली अनुमति और अपील के बीच प्रदेश सरकार के कुछ मंत्रियों ने भी प्रतिक्रिया दी है। उदाहरण के तौर पर कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने सुझाव दिया है कि अगर अविमुक्तेश्वरानंद को वास्तव में गाय की चिंता है तो इस तरह की यात्रा को यूपी के अलावा अन्य राज्यों में भी निकालना चाहिए।

कुल मिलाकर Gau Pratishtha Dharma Yudh कार्यक्रम धार्मिक प्रतीक और सामाजिक समर्थन जुटाने का प्रयास माना जा रहा है, जबकि प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी और नियम लागू कर इसे शांतिपूर्ण बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

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