वाशिंगटन / मध्य पूर्व
अमेरिका‑इज़राइल‑ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच Trump Admin Miscalculates Iran Response, यानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सलाहकारों की रणनीति ईरान की प्रतिक्रिया को लेकर गलत साबित हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट और तनाव और बढ़ गया है।
ट्रंप की रणनीति और ENERGY Markets
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप प्रशासन ने ईरान के पलटवार और युद्ध के ऊर्जा बाजार पर पड़ने वाले प्रभाव को हल्का आँका था, खासकर तेल सप्लाई में रुकावट के जोखिम को कम समझा था। इसके चलते अमेरिकी ऊर्जा रणनीति तैयारियों में कमी रह गई।
ट्रंप की प्रशासनिक टिप्पणियों में कहा गया कि ‘आज तेल सप्लाई में कोई बड़ा व्यवधान नहीं आएगा’ — लेकिन ईरान के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य सहित तेल मार्गों पर जोखिम बढ़ गया है।
पेंटागन और प्रशासनिक विरोध
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पेंटागन और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को ईरान की प्रतिक्रिया से आश्चर्य हुआ और उन्होंने पृथक रणनीति का सुझाव दिया। ऐसे हालात में प्रशासन के भीतर रणनीति का स्पष्ट अभाव देखा गया है।
तेल संकट और Global Energy Impact
विश्व स्तर पर तेल की आपूर्ति बाधित होने और अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार‑चढ़ाव देखा गया है। जिन निवेशकों ने ट्रंप के “युद्ध जल्द खत्म होने” के संकेतों के कारण शेयरों में तेजी देखी, उन्हें भी बाजार की अस्थिर स्थिति से सावधान रहना पड़ा।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर Trump Admin Miscalculates Iran Response और इससे उत्पन्न असमंजस जारी रहा, तो अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार दोनों पर लंबी अवधि में भारी प्रभाव पड़ सकता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस ने अब भी जोर देकर कहा है कि युद्ध के कारण तेल सप्लाई में व्यवधान रोकने और ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के प्रयास जारी हैं, लेकिन ईरान के जवाब में बाजार में उतार‑चढ़ाव और जहाज़ ट्रैफिक पर असर अभी भी जारी है।
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