एक नई रिसर्च में सामने आया है कि गर्भावस्था के दौरान अधिक तापमान का सामना करने से लड़कों के जन्म की संख्या कम हो सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन का असर अब मानव जन्म के पैटर्न पर भी दिखने लगा है।
अध्ययन में पाया गया कि जिन क्षेत्रों में तापमान ज्यादा होता है, वहां लड़कों के जन्म की संभावना थोड़ी कम हो जाती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान गर्मी का असर भ्रूण के विकास पर पड़ सकता है, जिससे जन्म के समय लिंग अनुपात बदल सकता है।
तापमान बढ़ने से क्यों घटते हैं लड़कों के जन्म?
वैज्ञानिकों का कहना है कि पुरुष भ्रूण पर्यावरणीय तनाव के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। इसलिए अत्यधिक गर्मी की स्थिति में पुरुष भ्रूण के जीवित रहने की संभावना कम हो सकती है।
कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया कि गर्भावस्था के पहले या दूसरे त्रैमास (trimester) में ज्यादा गर्मी होने पर लड़कों के जन्म में कमी देखी गई।
भारत में भी दिखा असर
रिसर्च के अनुसार भारत में गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के दौरान ज्यादा तापमान का असर लड़कों के जन्म के अनुपात पर ज्यादा देखा गया।
वैज्ञानिकों का मानना है कि बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन का प्रभाव भविष्य में मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर और भी ज्यादा पड़ सकता है।

